सीएम मोहन चरण माझी
ओडिशा के कटक जिले के 91 सीनियर अधिकारियों की सैलरी रोक दी गई है. इसमें SP (रूलर) भी शामिल हैं.सरकारी कागजात के मुताबिक, उन पर मुख्यमंत्री की शिकायत सेल (CMGC) में दर्ज लोगों की शिकायतों को हल करने में नाकाम रहने का आरोप है. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने डिस्ट्रिक्ट ट्रेजरी को एक लेटर भेजकर इन अधिकारियों की सैलरी रोकने का आदेश दिया है. लेटर में कहा गया है कि ‘जनसुनानी’ पोर्टल के ज़रिए दर्ज की गई शिकायतों का कई बार रिमाइंडर देने, समझाने और रिव्यू मीटिंग के बावजूद इस मामले पर कोई हल नहीं किया गया.
चीफ मिनिस्टर का ग्रीवांस सेल, जो हर हफ्ते शिकायतों के निपटारे पर नजर रखता है. इस सेल ने ही कटक के गिरते परफॉर्मेंस पर ‘बहुत नाराज़गी’ ज़ाहिर की. सेल की तरफ से कहा गया कि शिकायत सुलझाने में जिले की रैंकिंग पूरे राज्य में खराब हो गई है. इसमें आगे कहा गया है आपसे रिक्वेस्ट है कि कलेक्टर के अगले निर्देश तक नवंबर 2025 के लिए साथ में दी गई लिस्ट के हिसाब से डिफ़ॉल्ट करने वाले अधिकारियों की सैलरी रोक दी जाए.
‘जवादेही तय करना है उद्देश्य’
SP (रूरल) के अलावा, जिन अधिकारियों की सैलरी रोकी गई है, उनमें सब-कलेक्टर, BDO, तहसीलदार, चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर और कटक डेवलपमेंट अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन शामिल हैं. एक अधिकारी ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद जवाबदेही तय करना और पेंडिंग शिकायतों के निपटारे में तेजी लाना है.
खासकर उन शिकायतों का जिन्हें CMGC हर सोमवार को रिव्यू करता है. विपक्षी पार्टी BJD ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से पता चलता है कि राज्य में पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम पूरी तरह से रुक गया है. BJD के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि BJP का यह दावा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी खुद लोगों की शिकायतें सुनकर सीधे उनका समाधान कर रहे हैं, सच से कोसों दूर है.

