सीएम पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाला राज्य विधानसभा का विशेष सत्र तीन और चार नवंबर को देहरादून में आयोजित किया जाएगा. राज्य विधानसभा सचिवालय द्वारा रविवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई, जिसमें कहा गया है कि उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2025 का ‘विशेष सत्र’ तीन और चार नवंबर को आहूत किया गया है. 9 नवंबर 2000 को गठित उत्तराखंड राज्य इस साल अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है.
दरअसल उत्तराखंड राज्य आगामी नौ नवंबर को अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है. रजत जयंती पर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र तीन नवंबर से देहरादून में आयोजित किया जा रहा है. राजभवन से हरी झंडी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के भी आने की संभावना है.
राज्य स्थापना दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र
बता दें कि धामी मंत्रिमंडल की हाल में हुई बैठक में राज्य स्थापना दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया था. सत्र की तिथि तय करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया था. उन्होंने इसके लिए तीन और चार नवंबर की अवधि निर्धारित की. इस बारे में सरकार से सूचना मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र के आयोजन के संबंध में राजभवन को प्रस्ताव भेजा. राजभवन ने इसे हरी झंडी दे दी.
कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी
ऐसा माना जा रहा है कि राज्य की पुष्कर धामी सरकार इस दौरान प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है. साथ ही ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को लेकर भी कोई बड़ा फैसला लिए जाने की संभावना जताई जा रही है. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि रजत जयंती साल के इस अवसर पर राज्य के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चाएं होंगी और कुछ बड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं.

देहरादून में प्रस्तावित सैन्य धाम का उद्घाटन
यह विशेष सत्र उत्तराखंड को विकास के नए आयामों की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगा.इस विशेष अवसर पर प्रदेशभर में भव्य कार्यक्रमों की भी तैयारी की जा रही है. 9 नवंबर को देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की संभावना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी दिन देहरादून में प्रस्तावित सैन्य धाम का उद्घाटन भी करेंगे.
