पाकिस्तान छोड़कर भारत आई पाकिस्तानी महिला पूनम को आखिरकार लंबे इंतजार के बाद भारत की नागरिकता मिल ही गई. पिछले दो दशकों से वो इसका इंतजार कर रही थी. जो अब खत्म हो गया अब वो भारतीय नागरिक बन गई है. दीवाली के मौके पर पूनम और उसके परिवार के किए ये बात किसी तोहफे से कम नहीं है. नागरिकता मिलने से पूरा परिवार भी खुशी का माहौल है.
पूनम उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में लंबी अवधि के वीजा पर रह रही थीं. भारतीय नागरिकता पाने के लिए पूनम को 20 सालों तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा. नागरिकता न मिलने की वजह से वो कई सालों तक अपने परिवार से मिलने को तरसती रहीं. लेकिन अब पूनम को दो दशक बाद भारतीय नागरिकता मिल गई है. उनके परिवार ने इसे दीपावली का उपहार करार देते हुए अपनी खुशी जाहिर की है.
2004 में अपने भाई के साथ भारत आईं थीं पूनम
पाकिस्तान के स्वात क्षेत्र में बढ़ते आतंकवाद के बीच साल 2004 में अपने भाई गगन के साथ भारत आई 38 साल की पूनम भारतीय नागरिकता पाने के लिए सालों से इंतजार कर रही थीं. हालांकि उनके भाई को 2016 में नागरिकता मिल गई थी लेकिन उनके आवेदन को कई बार खारिज किया गया. वहीं अब नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत इस साल पूनम को भी नागरिकता मिल गई.
2005 में पुनीत कुमार से की शादी
जानकारी के मुताबिक भारत आने के बाद पूनम शुरू में दिल्ली और रामपुर आती-जाती रहीं. साल 2005 में उन्होंने स्थानीय व्यवसायी पुनीत कुमार से शादी की और 2013 तक पाकिस्तान में अपने परिवार से मिलने जाती रहीं. इनका एक बच्चा भी है. वैध पाकिस्तानी पहचान पत्र न होने की वजह से 2013 में उनके पासपोर्ट का नवीनीकरण नहीं हो सका, जिसके बाद उनका पाकिस्तान आना-जाना लगभग बंद हो गया.
‘यह परिवार के लिए किसी त्योहार के उपहार जैसा’
पूनम के पति पुनीत कुमार ने नागरिकता मिल जाने पर खुशी जाहिर की. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि दिवाली से ठीक पहले संबंधित एजेंसियों से पूनम को भारतीय नागरिक के रूप में कानूनी मान्यता मिलने पर परिवार बेहद खुश है. उन्होंने कहा ‘यह हमारे परिवार के लिए किसी त्योहार के उपहार जैसा है. इस बार की दिवाली हमारे लिए और भी खास हो गई है’. उन्होंने बताया कि हम नागरिकता प्रक्रिया की बाकी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए आने वाले दिनों में लखनऊ जाएंगे.
नागरिकता मिलने पर पूनम ने जताई खुशी
वहीं पूनम ने भी इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा ‘अब मैं जल्द से जल्द अपना आधार, पैन और अन्य भारतीय पहचान पत्र बनवाना चाहती हूं ताकि मैं पूरी तरह एक भारतीय नागरिक जैसा महसूस कर सकूं’. उन्होंने कहा कि इस दिन का उन्हें लंबे समय से इंतजार था जो अब खत्म हो गया है.
पूनम का स्वात से रामपुर तक का सफर उस समय शुरू हुआ जब उनके पिता ने साल 2004 में उन्हें और उनके भाई को पाकिस्तान के स्वात क्षेत्र में बढ़ती हिंसा के कारण उनकी सुरक्षा के लिहाज से भारत भेज दिया था. पूनम ने कहा कि अगली बार जब वह मिंगोरा (स्वात) में अपने पैतृक घर जाएंगी, तो एक भारतीय नागरिक के रूप में भारतीय पासपोर्ट के साथ जाएंगी. वहीं रामपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विद्यासागर मिश्रा ने पुष्टि की कि पूनम की नागरिकता प्रक्रिया पूरी हो गई है.
