सरकार ने सीनियर सिटिज़न्स को रिटायरमेंट के बाद एक सुरक्षित ज़िंदगी देने के लिए कई पेंशन प्लान लागू किए हैं। ये प्लान रेगुलर इनकम देने के लिए बनाए गए हैं, ताकि रिटायर लोग बिना किसी पैसे की तंगी के आरामदायक ज़िंदगी जी सकें।
अगर आपकी उम्र 60 साल से ज़्यादा है तो बैंकों और पोस्ट ऑफिस में FD, सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम, ELSS, NSC और पेंशन प्लान पांच सबसे अच्छे इन्वेस्टमेंट हैं जिनसे सीनियर सिटिज़न को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हो सकता है।
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फिक्स्ड डिपॉजिट
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या टर्म डिपॉजिट किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में शुरू किए जा सकते हैं। ये फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के पास मौजूद सबसे सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम में से एक हैं।
– ज़्यादातर बैंकों में सीनियर सिटिजन को आम लोगों की तुलना में फिक्स्ड डिपॉजिट पर 25 से 50 बेसिस पॉइंट ज़्यादा इंटरेस्ट रेट मिलता है।
– FD शुरू करने के लिए कम से कम 7 दिन और ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल का समय चाहिए।
– आप FD अकाउंट में जितना चाहें उतना अमाउंट डाल सकते हैं, जिसकी शुरुआत 100 रुपये से होती है।
– आप या तो FD पर मिलने वाले इंटरेस्ट को समय-समय पर अपने सेविंग्स अकाउंट में जमा करवा सकते हैं या मैच्योरिटी के समय पूरी अमाउंट – प्रिंसिपल और इंटरेस्ट – निकाल सकते हैं।
– अगर आप उस बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट शुरू करते हैं जिसमें आपका पहले से अकाउंट है, तो चीजें आसान हो जाएंगी।
– भारत में पोस्ट ऑफिस 1 से 5 साल की टर्म डिपॉजिट स्कीम और बैंक FD की तुलना में ज़्यादा इंटरेस्ट रेट देते हैं।
– अगर तुरंत ज़रूरत हो तो आप पेनल्टी देकर टर्म खत्म होने से पहले अमाउंट निकाल सकते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है और हर समय के लिए ब्याज दरें अलग-अलग होती हैं। इसलिए अगर आप अपना पैसा FD में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं तो ठीक से रिसर्च करें और ऐसी स्कीम ढूंढें जो आपको ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा दे।
पेंशन प्लान
पेंशन प्लान एक अच्छा तरीका है जिससे आप काम करना बंद करने के बाद रेगुलर इनकम पा सकते हैं। कई तरह के पेंशन प्लान मौजूद हैं। एक तरह के प्लान में आप एक ही डिपॉजिट में बड़ी रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं और दूसरे तरह के प्लान में आप रेगुलर तौर पर छोटी रकम जमा कर सकते हैं।
– कुछ प्लान में कम से कम इन्वेस्टमेंट Rs. 200 जितना कम है।
– ये प्लान 3-7% इंटरेस्ट देते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस कंपनी के साथ पेंशन प्लान रखते हैं।
– लॉक-इन पीरियड 3 साल जितना कम हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस उम्र में प्लान शुरू करते हैं और आप किस इंस्टीट्यूशन से प्लान खरीद रहे हैं।
– EPF और PPF भी पेंशन प्लान के ही टाइप हैं, जहाँ आप रेगुलर डिपॉजिट करते हैं और इंटरेस्ट कमाते हैं, PPF अभी 7.1% सालाना (Q4 FY 2025-26 तक) दे रहा है, जबकि EPF रेट EPFO हर साल बताता है।
– लॉक-इन पीरियड के बाद – PPF के लिए 15 साल और रिटायरमेंट के बाद या जब आप EPF के लिए काम करना बंद कर देते हैं – आप एकमुश्त रकम निकाल सकते हैं।
– हालांकि, इस निकासी पर टैक्स बेनिफिट पाने के लिए आपको प्रोविडेंट फंड का एक हिस्सा एन्युइटी प्लान में फिर से इन्वेस्ट करना होगा। एन्युइटी प्लान पेंशन प्लान की तरह ही होते हैं, जिसमें आपको ज़िंदगी भर के लिए एक गारंटीड रकम मिलेगी।
सिनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
मौजूदा समय में यह बुजुर्गों के लिए सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसमें तिमाही आधार पर (Quarterly) ब्याज का भुगतान होता है और टैक्स बेनिफिट (80C) भी मिलता है।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
इसमें इक्विटी और डेट का अच्छा मिश्रण मिलता है। रिटायरमेंट पर एकमुश्त (Lumpsum) रकम के साथ-साथ लाइफटाइम रेगुलर पेंशन का विकल्प मिलता है।
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) / LIC प्लान्स
एलआईसी के तत्काल एन्युटी (Immediate Annuity) प्लान्स, जहां एकमुश्त रकम जमा करके तुरंत मासिक या सालाना पेंशन शुरू की जा सकती है।
म्यूचुअल फंड में SWP (Systematic Withdrawal Plan)
यह आज के समय का सबसे स्मार्ट विकल्प माना जाता है। एकमुश्त राशि को किसी अच्छे हाइब्रिड या लार्ज-कैप फंड में डालकर हर महीने एक तय रकम (पेंशन की तरह) निकाली जा सकती है। इससे बची हुई रकम पर ग्रोथ भी मिलती रहती है।
– जे. पी. शुक्ला

