ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर डाउनिंग स्ट्रीट छोड़ने का टाइम-टेबल बताएंगे। इससे महीनों तक चलने वाली एक ऐसी प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसके ज़रिए ब्रिटेन बिना आम चुनाव कराए एंडी बर्नहम को अपना अगला प्रधानमंत्री बना सकता है। द गार्डियन के अनुसार, स्टारमर सोमवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने इरादों का ऐलान कर सकते हैं। उन्होंने वीकेंड चेक्वर्स में एग्जिट प्लान पर विचार करते हुए बिताया था। सबसे ज़्यादा संभावना यही है कि वह पतझड़ के मौसम तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे, जिससे लेबर पार्टी को उत्तराधिकारी चुनने का समय मिल जाएगा और नए नेता को सरकार संभालने की तैयारी करने का मौका भी मिलेगा। मेकरफ़ील्ड उपचुनाव में ज़बरदस्त जीत के बाद संसद लौटे बर्नहम को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। लेकिन डाउनिंग स्ट्रीट तक पहुँचने के लिए उन्हें अभी भी कई राजनीतिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा। स्टार्मर उन्हें सीधे अपना उत्तराधिकारी नहीं चुन सकते और न ही प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े से ब्रिटेन में अपने-आप दोबारा चुनाव हो जाते हैं।
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आम चुनाव क्यों नहीं होंगे?
ब्रिटिश वोटर सीधे प्रधानमंत्री के लिए वोट करने के बजाय संसद के सदस्यों को चुनते हैं। प्रधानमंत्री आम तौर पर उस पार्टी का नेता होता है जिसे हाउस ऑफ़ कॉमन्स में बहुमत का समर्थन हासिल हो। जुलाई 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को संसद में भारी बहुमत मिला। अगर स्टार्मर पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री का पद छोड़ भी दें, तब भी यह बहुमत बना रहेगा। इसलिए पार्टी एक नया नेता चुन सकती है, जो उसी कॉमन्स बहुमत के साथ सरकार बनाने की स्थिति में होगा। ब्रिटेन में पहले भी सत्ता में रहते हुए पार्टियों ने अपने नेताओं को बदला है; जैसे 2019 में थेरेसा मे की जगह बोरिस जॉनसन आए थे और 2022 में लिज़ ट्रस और ऋषि सुनक एक के बाद एक डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचे थे। नतीजतन, फ़िलहाल मुकाबला लेबर पार्टी के भीतर ही होगा, न कि आम वोटरों के बीच।
क्या एंडी बर्नहम बिना किसी मुकाबले के लेबर पार्टी के नेता बन सकते हैं?
‘द गार्डियन’ के अनुसार, बर्नहम का पसंदीदा तरीका यह होगा कि वे लेबर पार्टी के सांसदों से इतना ज़बरदस्त समर्थन हासिल कर लें कि कोई भी मज़बूत प्रतिद्वंद्वी वोटिंग तक न पहुँच पाए। इस प्रक्रिया के तहत, लेबर पार्टी की लीडरशिप के लिए दावेदारी करने वाले उम्मीदवार को ‘पार्लियामेंट्री लेबर पार्टी’ के कम से कम 20 प्रतिशत सदस्यों के नॉमिनेशन की ज़रूरत होगी। अभी यह संख्या 81 सांसदों की है; जो भी दावेदार इतने सांसद नहीं जुटा पाएगा, उसे लेबर पार्टी के सदस्यों के वोटिंग से पहले ही रेस से बाहर कर दिया जाएगा। अगर बर्नहम अकेले ऐसे उम्मीदवार होते हैं जो यह संख्या जुटा पाते हैं, तो उन्हें बिना किसी बड़े चुनाव के ही लेबर पार्टी का नेता बनाया जा सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पूर्व हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग या लेबर पार्टी का कोई और सीनियर नेता इस रेस में शामिल होगा या नहीं। स्ट्रीटिंग ने पिछले महीने सरकार से इस्तीफ़ा दिया था, जब स्टारमर को पद छोड़ने के लिए मनाने की कोशिशें चल रही थीं। उन्होंने पहले कहा है कि उन्हें ज़रूरी 81 सांसदों का समर्थन हासिल है और वे लीडरशिप के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं।
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बर्नहम औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री कैसे बनेंगे?
सिर्फ़ लेबर पार्टी का नेतृत्व जीतने से ही बर्नहम औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नहीं बन जाएँगे। जब लेबर पार्टी अपना नया नेता चुन लेगी, तो स्टारमर राजा को अपना इस्तीफ़ा सौंप देंगे। इसके बाद राजा उस व्यक्ति को सरकार बनाने के लिए बुलाएंगे, जिसके पास हाउस ऑफ़ कॉमन्स का भरोसा हासिल करने की सबसे अच्छी स्थिति होगी। चूंकि कॉमन्स में लेबर पार्टी के पास बहुमत है, इसलिए आम तौर पर उनका नया चुना गया नेता ही वह व्यक्ति होगा। बर्नहम राजा का निमंत्रण स्वीकार करेंगे, प्रधानमंत्री बनेंगे और अपनी कैबिनेट की नियुक्ति शुरू करेंगे।

