सांकेतिक तस्वीर.Image Credit source: Unsplash
देशभर में हर दिन हजारों लोग अपना पासपोर्ट बनवाने जाते हैं. हालांकि पासपोर्ट जल्दी बनवाने के लिए लोग दूसरे पते का इस्तेमाल भी कर लेते हैं. देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोग भी पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली के पते का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, अब गलत पता यूज करने वालों को मुसीबत हो सकती है. पुलिस और पासपोर्ट विभाग अब ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं और जल्द ही पुलिस आपके पते की जांच के लिए आ सकती है.
साल 2018 में केंद्र सरकार की तरफ से लोगों की आसानी के लिए अप्लाई एनीवेयर इन इंडिया योजना शुरू की गई थी. इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी पासपोर्ट सेवा केंद्र से आवेदन कर सकता है.
यानी गाजियाबाद का रहने वाला व्यक्ति दिल्ली के पासपोर्ट सेवा केंद्र से भी आवेदन कर सकता है. लेकिन, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप गलत या पुराने पते का इस्तेमाल कर सकते हैं.
क्यों सख्ती कर रहा पासपोर्ट विभाग?
गाजियाबाद में एक बड़ा पासपोर्ट फर्जीवाड़ा सामने आया है. जांच में पता चला कि एक ही पते, एक ही मोबाइल नंबर और जाली दस्तावेजों के आधार पर 22 पासपोर्ट जारी कर दिए गए हैं. इस मामले में एक डाक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है. इस खुलासे के बाद विदेश मंत्रालय और पासपोर्ट विभाग अलर्ट मोड में हैं.
अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों ने साफ किया है कि पासपोर्ट आवेदन कहीं से भी किया जा सकता है. लेकिन, पुलिस वेरिफिकेशन हमेशा उसी पते पर होगा, जहां आप अभी रह रहे हैं. कई लोग गाजियाबाद में रहते हुए दिल्ली के पुराने पते का इस्तेमाल कर रहे हैं. वेरिफिकेशन के समय पड़ोसियों से अपनी मौजूदगी की पुष्टि करवाने की कोशिश करते हैं. यह तरीका गैरकानूनी है.
रद्द हो सकता है आपका पासपोर्ट
अगर पुलिस जांच में यह पाया गया कि आप बताए गए पते पर नहीं रहते हैं, तो आपकी पुलिस रिपोर्ट नेगेटिव हो सकती है. पासपोर्ट आवेदन रद्द किया जा सकता है. आपको ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. इतना ही नहीं, पासपोर्ट में गलत जानकारी देना गंभीर अपराध है. गलत जानकारी देने पर 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकता हैं.

