देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र के निकाय चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार जोरों पर है. राज्य में सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं. वहीं नए समीकरण भी बनते नजर आ रहे हैं. पुणे और पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनावों में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस दलों ने गठबंधन किया है. इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस दलों के विलय की चर्चाएं चल रही हैं. अजित पवार ने बीते शुक्रवार को आरोप लगाया था कि पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका पिछले 9 सालों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और कर्ज में डूबी हुई है.
वहीं इस मामले पर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है. सीएम ने कहा ‘ मैंने पहले ही कह दिया था कि पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में युति नही करूंगा. ॉहमारी लड़ाई मैत्रीपूर्ण होगी और उसमें हम एक दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे’. उन्होंने कहा कि जो हमारा कामकाज जानते हैं उन्हें पता है हम विरोधियों को भी साथ लेकर चलते हैं और अजित दादा तो हमारे साथ है. उन्होंने कहा कि उनकी (अजित पवार)शरद पवार के साथ सिर्फ पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में गठबधन है, बाकी 27 जगहों पर तो वो एक दूसरे के खिलाफ ही लड़ रहे हैं.
‘कब बाप मरेगा कब बैल बंटेंगे’
वहीं अजित पवार और शरद पवार की पार्टियों के विलय की संभावना पर सीएम फडणवीस ने कहा कि अब तक इन दोनों एनसीपी का कोई गठबंधन नहीं हुआ है. अभी इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदी में एक कहावत है ‘कब बाप मरेगा कब बैल बंटेंगे’. उन्होंने कहा कि अभी कुछ हुआ नहीं और इस पर इतनी चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा कि ये दोनों सिर्फ 2 जगह साथ हैं 27 मनपा में अलग-अलग लड़ रही हैं.
‘मैं उनके लिए प्लेन का इंतेजाम करके दे दूंगा’
वहीं अजित पवार के बार बार दिल्ली जाने के सवाल पर उन्होंने कहा ‘जब तक वो हमारे नेताओं से जाकर मिल रहे हैं तब तक अच्छी बात है. और में तो कहूंगा अगर वो कहें तो मैं उनके लिए प्लेन का इंतेजाम करके दे दूंगा, वैसे वो सक्षम हैं इसमें. लेकिन मेरी तरफ से ये उनके लिए ऑफर है’.
‘कुछ लोगों के पेट में दर्द होता है…’
इधर ‘लाडकी बहिन योजना’ पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के पेट में दर्द होता है वो चुनाव आयोग के पास गए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने जो कहा है हम उसे मानेंगे. उन्होंने कहा कि जो मूल हफ्ता है वो हम देंगे, दिसंबर का चला भी गया होगा.
चुनाव आयोग ने लगाई रोक
दरअसलराज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार को इस योजना के जनवरी महीने के लाभ को एडवांस में देने पर रोक लगा दी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत लाभार्थियों को जनवरी महीने का एडवांस भुगतान नहीं किया जा सकता. राज्य में 15 जनवरी को बीएमसी समेत 29 नगर निगमों के चुनाव होने वाले हैं.
’16 तारीख के बाद देंगे रकम’
मंगलवार को पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि चुनाव है इसलिए नहीं ये कर रहे हैं बल्कि हर त्योहार पर एडवांस किस्त देते हैं. उन्होंने कहा कि अब मना किया है तो हम 16 तारीख के बाद देंगे.

