स्ट्रेस फ्री बोर्ड एग्जामImage Credit source: Jupiterimages/The Image Bank/Getty Images
Board Exam Tips: बोर्ड परीक्षा हर छात्र के जीवन का एक अहम पड़ाव होती है. 10वीं और 12वीं के बच्चे इसके लिए पूरे साल जमकर तैयारी करते हैं. वहीं, जैसे-जैसे एग्जाम की तारीख नजदीक आती है, बच्चों का स्ट्रेस भी बढ़ जाता है. सिर्फ इतना ही नहीं बच्चों के साथ ही माता-पिता पर भी दबाव बढ़ जाता है. अच्छे नंबर लाने की उम्मीद, समय पर सिलेबस पूरा करने की चिंता और भविष्य को लेकर सवाल…ये सब मिलकर बच्चे के मन में स्ट्रेस पैदा कर सकते हैं. कई बार देखा जाता है कि तैयारी के चक्कर में बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से थकने लगते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई और आत्मविश्वास पर पड़ता है.
ऐसे समय में जरूरी है कि बोर्ड इग्जाम की तैयारी सिर्फ किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चे के मेंटल हेल्थ और रूटीन पर भी बराबर ध्यान दिया जाए. सही गाइडेंस, बैलेंस तरीके से की गई पढ़ाई और पॉजिटिव माहौल से बच्चे न सिर्फ बेहतर तैयारी कर पाते हैं, बल्कि बिना तनाव के परीक्षा का सामना भी कर सकते हैं. चलिए जानते हैं कि कैसे आप अपने बच्चे को बोर्ड एग्जाम के लिए बिना स्ट्रेस के तैयार कर सकते हैं. यहां हम आपको 5 पॉइंट बता रहे हैं.
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सही टाइम-टेबल बनाएं
बोर्ड एग्जाम के लिए बच्चे को पूरा दिन पढ़ाने से अच्छा है. एक टाइम टेबल बनाएं, जिसमें पढ़ाई के साथ ब्रेक भी शामिल हों. लगातार पढ़ने की बजाय छोटे-छोटे सेशन में पढ़ाई करने से दिमाग थकता नहीं और याद करने की क्षमता भी बढ़ती है. साथ ही दिमाग भी स्ट्रेस फ्री रहता है.
रिवीजन को प्रायोरिटी दें
बोर्ड एग्जाम के लिए बच्चे लंबे समय से तैयारी कर रहे होते हैं. स्कूल से लेकर घर में भी कई बच्चे पढ़ाई करते हैं और जवाबों को याद करते हैं. लेकिन सिर्फ नया पढ़ना काफी नहीं होता. जो पढ़ा है उसका नियमित रिवीजन बेहद जरूरी है. हफ्ते में कम से कम एक बार पूरे सिलेबस का रिवीजन करने से कॉन्फिडेंस बढ़ता है.
मोबाइल और स्क्रीन टाइम सीमित रखें
पढ़ाई के समय मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाना बेहद जरूरी है. इससे ध्यान भटकता है और समय की बर्बादी होती है. पढ़ाई के बाद सीमित समय के लिए ही स्क्रीन इस्तेमाल करने दें. इससे माइंड थोड़ा फ्रेश होगा और बच्चा भी स्ट्रेस से दूर रहेगा.
नींद और खानपान का ध्यान रखें
पूरी नींद और हेल्दी खाना बच्चे के दिमाग को एक्टिव रखने में मदद करता है. ऐसे में देर रात तक जागकर पढ़ने की आदत से बचें. बच्चे के सोने के लिए 1 समय तय कर दें. इससे नींद भी पूरी होगी. पढ़ाई भी फ्रेश माइंड से होगी और स्ट्रेस भी आसपास नहीं भटकेगा.
पॉजिटिव माहौल और मोटिवेशन दें
बच्चे पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें. उसे समझाएं कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, सब कुछ नहीं. तारीफ, हौसला और भरोसा बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है. इसलिए घर का भी माहौल पॉजिटिव बनाएं और खुद को भी.
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