सीएम नीतीश के हाथों जॉइनिंग लेटेर लेती नुसरत परवीन
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के बीच हुए हिजाब प्रकरण ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया था. अब इस विवाद का अंत होता दिख रहा है. राजकीय तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद महफूजुर रहमान ने साफ किया है कि नुसरत मुख्यमंत्री से नाराज नहीं हैं. नुसरत ने अपनी सहेली बिल्किस से बात करते हुए साफ कहा कि मामले को अनावश्यक रूप से खींचा जा रहा है. अब उन्होंने अपनी नई नौकरी जॉइन करने का मन बना लिया है. नुसरत कल पटना पीएचसी में ज्वाइन करेंगी.
आयुष चिकित्सक नुसरत की बैचमेट बिल्किस ने भी कहा कि पता चला है कि वह कल जॉइन करेगी, कितने बजे करेगी, यह मुझे नहीं पता है. बस मुझे खबर मिली है कि कल जॉइनिंग करेगी. बिल्किस ने कहा कि नुसरत हमेशा पर्दा में ही रहती थी, जैसा आप लोगों ने वहां पर उसे देखा. किसी को हक नहीं है कि किसी के जिस्म को छुए.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से डॉक्टर नुसरत के हिजाब को हटाने के लेकर देशभर में सियासत गरम हो गई है. मुस्लिम नेताओं, विपक्ष और संगठन ने इसका विरोध किया है. मुस्लिम नेताओं का कहना है कि सभी को अपने-अपने धर्म को मानने का अधिकार है. ऐसी स्थिति में एक मुख्यमंत्री द्वारा मंच पर किसी महिला डॉक्टर के हिजाब को अपने हाथ से नीचे हटाने और खींचना ठीक नहीं है.
हिजाब का यह मुद्दा संसद में भी गरमाया. विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया. इस मुद्दे पर राजद नेता मनोज कुमार झा ने कहा कि असहज करती हैं ऐसी छवियां. वहीं, समाजवादी पार्टी जिया उर रहमान बर्क ने कहा, ये शर्मनाक हरकत है. नीतीश कुमार को माफी मांगनी चाहिए. अगर माफी नहीं मांगते तो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि हमने देखा कि जब बिहार के मुख्यमंत्री ने ऐसी हरकत की, माफी मांगने की बजाय भाजपा सरकार के मंत्री बेहूदा बयान दे रहे हैं. अगर आपने हमारी महिलाओं का हिजाब छुआ तो आप इसके नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें. हम बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज़ कराने जा रहे हैं.
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