सर्दियों में क्यों बढ़ता है बीपी? Image Credit source: Getty Images
सर्दियों में कई लोगों का ब्लड प्रेशर सुबह उठते ही अचानक बढ़ जाता है. यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा दिखती है जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, थायरॉयड या डायबिटीज की दिक्कत हो. बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है. गर्म तापमान में ब्लड वेसल्स फैलती हैं, जिससे बीपी सामान्य रहता है, जबकि ठंडे तापमान में सिकुड़न के कारण बीपी तेज़ी से बढ़ जाता है. आइए, इस बारे में जानते हैं.
ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है और बीपी बढ़ जाता है. इसके अलावा, सर्दियों में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है और बीपी पर असर पड़ता है. सर्दियों में नमक का सेवन बढ़ जाना, कम पानी पीना और भारी भोजन भी हाई बीपी के जोखिम को बढ़ाते हैं. तनाव, नींद की कमी, सुबह अचानक उठकर खड़े हो जाना, स्लीप एपनिया और हॉर्मोनल बदलाव भी बीपी बढ़ाने के अन्य कारण हैं. खासकर ठंड में सुबह का समय शरीर के लिए सबसे सेंसिटिव होता है, इसलिए इस दौरान बीपी बढ़ने की संभावना अधिक होती है.
सर्दियों में सुबह उठते ही बीपी बढ़ना क्या मॉर्निंग हाइपरटेंशन का संकेत है?
राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि सुबह उठते ही या जागने के पहले कुछ घंटों में ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ जाना मॉर्निंग हाइपरटेंशन कहलाता है. यह स्थिति उन लोगों में अधिक आम है जिन्हें पहले से हाई बीपी, हार्ट की बीमारी, किडनी समस्या, स्लीप डिसऑर्डर या लगातार तनाव रहता है.
शरीर में जागने के समय कॉर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से ऊपर जाता है, लेकिन जब यह अत्यधिक बढ़ जाए तो इसे मॉर्निंग हाइपरटेंशन कहते हैं. इसके लक्षणों में सुबह भारी सिर दर्द, चक्कर, धड़कन तेज होना, बेचैनी, थकान और आंखों में दबाव महसूस होना शामिल है. यह स्थिति नजरअंदाज करने पर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य कार्डियक जोखिम बढ़ सकते हैं. इसलिए सर्दियों में बीपी मॉनिटरिंग और समय पर इलाज बेहद जरूरी है.
कैसे करें बचाव?
सुबह उठकर तुरंत खड़े न हों, धीरे-धीरे उठें.
गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ठंड से बचाएं.
हर दिन 20 से 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज करें.
नमक का सेवन कम रखें और संतुलित डाइट लें.
पर्याप्त पानी पिएं, सर्दियों में भी हाइड्रेटेड रहें.
रात में नींद पूरी लें और तनाव कम करें.
डॉक्टर की दवाई समय पर लें और बीपी मॉनिटर करें.

