रोहतक में हुए एक खौफनाक हादसे में हरियाणा के राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत हो गई. यह घटना गांव लाखनमाजर में बास्केटबॉल ग्राउंड में प्रेक्टिस के दौरान हुई, जब एक पोल टूटकर हार्दिक के सीने पर गिर गया. इस हादसे के बाद हरियाणा सरकार और खेल मंत्रालय पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं और इसको सिर्फ हादसा नहीं बल्कि सिस्टम की ओर से की हत्या तक कहा जा रहा है.
कांग्रेस सांसद रंदीप सिंह सुरजेवाला ने खिलाड़ी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हरियाणा के लाखनमाजरा में नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर हार्दिक की मौत एक हादसा नहीं, भाजपा सरकार के सिस्टम द्वारा की गई एक हत्या है. उन्होंने सवाल किया कि हार्दिक हरियाणा की युवा प्रतिभा भी था, एक बेटा भी और एक होनहार नौजवान भी. क्या भाजपा सरकार माँ बाप को उनका बेटा वापस दे पायेगी.
17 साल हार्दिक राठी अपनी प्रैक्टिस कर रहे थे, जबकि टीम के अन्य सदस्य पास में आराम कर रहे थे. हादसे के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद अन्य खिलाड़ी हार्दिक को अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित किया.
हरियाणा के लाखनमाजरा में नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर हार्दिक की मौत एक हादसा नहीं, भाजपा सरकार के सिस्टम द्वारा की गई एक हत्या है ।
हार्दिक हरियाणा की युवा प्रतिभा भी था, एक बेटा भी और एक होनहार नौजवान भी । क्या भाजपा सरकार माँ बाप को उनका बेटा वापस दे पायेगी?
CM श्री नायब सैनी की pic.twitter.com/6taUvThxAp
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) November 26, 2025
Cm नायब सैनी को बताया मौत का जिम्मेदार
रंदीप ने पूछा कि क्या सैनी इस बात का जवाब देंगे कि लखनमाजरा के सभी खिलाड़ी मेंटेनेंस की मांग व सुविधाओं को लेकर नायब सैनी से तीन महीने पहले मिले पर हुआ कुछ नहीं. वहीं ढाक के तीन पात, इस आपराधिक लापरवाही का क्या कारण है?
उन्होंने कहा कि अगर आप स्टेडियम का एक पोल भी नहीं ठीक कर सकते तो सरकार क्या खाक चलाओगे? साथ ही कहा कि जिला खेल अधिकारी कह रहे हैं कि इस स्टेडियम सहित चौदह स्टेडियमों के लिए 2.1 करोड़ का बजट है तो फिर जरा ये बताइये की ये खर्च क्यों नहीं हुआ? एमपीएलएड का बजट भी नहीं लगाया.
रंदीप ने कहा कि अगर सरकार ये बजट खर्चती और मेंटेनेंस करती तो हार्दिक की जान बच सकती थी और भाजपा सरकार इसका सीधा जिम्मेदार ठहराया है.
हरियाणा को सिर्फ 88 करोड़ और गुजरात को 608 करोड़
कांग्रेस नेता ने नायब से हरियाणा को केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि देश के स्पोर्ट्स के 3,397 करोड़ बजट से मोदी सरकार ने हरियाणा को सिर्फ 88 करोड़ ही क्यों देती है, जबकी गुजरात को इस बजट से 608 करोड़ दिए जाते हैं, जबकि देश के आधे से ज्यादा मेडल हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं.

