लारेंस बिश्नोई गैंग के अधिकतर गुर्गे एक-एक कर पकड़े जा रहे हैं.
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटे भाई अनमोल अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा चुका है. उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसे गिरफ्तार कर लिया. बाद में दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की पुलिस भी उसके खिलाफ दर्ज मामलों में कार्रवाई करेगी. कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में क्राइम में शामिल रहा अनमोल कभी लॉरेंस गैंग का हिस्सा रहे गोल्डी बराड़ और रोहित गदारा गैंग के साथ अमेरिका में गैंगवार का भी शिकार हो चुका है. गोल्डी बराड़ को भारत में आतंकवादी भी घोषित किया जा चुका है.
ऐसे में सवाल उठता है कि देश-विदेश तक में अपराध करने वाला बिश्नोई गैंग क्या आतंकी संगठन है? किसी गुट को कब और कैसे आतंकी संगठन घोषित किया जाता है?
क्या है बिश्नोई गैंग?
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की अगुवाई में अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले गैंग को बिश्नोई गैंग के नाम से जाना जाता है. लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. उसी का छोटा भाई है अनमोल, जो अमेरिका और कनाडा में रह कर जेल में बंद लॉरेंस के इशारे पर बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. अनमोल के ही कंधों पर लॉरेंस गैंग के हर ऑपरेशन का जिम्मा होता था. उसके खिलाफ भारत में 18 केस दर्ज हैं.
माना जाता है कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्याकांड का मास्टरमाइंड अनमोल ही है. इसके अलावा मुंबई के बांद्रा में स्थित एक्टर सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी का जिम्मा भी अनमोल ने लिया था. 12 अक्तूबर 2024 को मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में भी अनमोल बिश्नोई का नाम आया है. कई बड़े लोगों को धमकाने और वसूली का आरोप भी बिश्नोई गैंग पर लगता रहा है.
पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्याकांड का मास्टरमाइंड अनमोल को बताया जाता है.
विदेशी धरती पर गैंगवार
लारेंस बिश्नोई गैंग के अधिकतर गुर्गे एक-एक कर पकड़े जा रहे हैं. दूसरी ओर, अब बिश्नोई का विरोधी बन चुका गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा लगातार प्रभावी होते जा रहे हैं. दुबई से लेकर कनाडा और अमेरिका तक में इनके ज्यादा शूटर सक्रिय हैं. यहां तक कि पहली बार कुछ समय पहले दुबई में बिश्नोई और गोदारा गैंग के बीच गैंगवार भी हो चुका है. वहां गोदारा गैंग ने लॉरेंस के एक शूटर की हत्या कर दी थी और फोटो शेयर कर खुद गोदारा ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी. इस गैंगवार के बाद से ही बिश्नोई गैंग की चिंता बढ़ रही थी. यहां तक कि अनमोल को अपनी जान पर खतरा मंडराता दिखने लगा था. इसीलिए उसने अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों के सामने सरेंडर कर दिया. इसके बाद उसका भारत प्रत्यारोपण किया गया.
कनाडा ने बिश्नोई गैंग को घोषित किया है आतंकी
कनाडा की सरकार ने इसी साल (सितंबर 2025) में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित किया है. वहां की सरकार ने कहा था कि हत्या, आगजनी, गोलीबारी, जबरन वसूली और धमकी के जरिए बिश्नोई गैंग कनाडा में आतंक फैला रहा है. कनाडा के लोक सुरक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि आतंकवादी संगठनों सूची में शामिल होने के बाद गैंग के मालिकाना वाली किसी भी संपत्ति, वाहन, धन को जब्त किया जा सकता है. इसके साथ ही कनाडा के कानून प्रवर्तन को आतंकवाद से जुड़े अपराधों पर मुकदमा चलाने के लिए और ज्यादा अधिकार मिलेंगे.
कनाडा सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित किया है.
भारत में ऐसे घोषित किया जाता है आतंकी संगठन
भारत में किसी भी ऐसे व्यक्ति और संगठन को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आतंकवादी घोषित किया जाता है, जो कोई ऐसा काम करता है, जिससे देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा अथवा संप्रभुता को खतरा पैदा होता है. ऐसा कोई व्यक्ति या उसका गैंग भी आतंकवादी घोषित किया जा सकता है, जो पूरे समाज अथवा समाज के किसी एक विशेष वर्ग को डराने वाला हो. इसके लिए देश में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) है. सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ऐसे संगठनों या व्यक्तियों की सूची जारी करता है, जिन्हें आतंकी घोषित किया जाता है. UAPA में धारा 18, 19, 20, 38 और 39 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है. जब किसी आरोपी के आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी मिलती है तब उस पर धारा 38 लगाई जाती है. ऐसे ही आतंकी संगठनों को मदद पहुंचाने पर धारा 39 के तहत कार्रवाई की जाती है.
भारत में गोल्डी बराड़ आतंकी घोषित, बिश्नोई गैंग नहीं
साल 1967 में बने इस कानून में पहले आतंक के खिलाफ तो कई प्रावधान किए गए थे, जिनसे आतंकवादी संगठनों की पहचान कर उनकी गतिविधियों को रोका जाता था. हालांकि, तब किसी संगठन को आतंकी संगठन घोषित करने की व्यवस्था इस कानून में थी पर ऐसा होने पर वह संगठन किसी दूसरे नाम से संचालित होने लगता था. साथ ही तब किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का प्रावधान इस कानून में नहीं था. इसको देखते हुए इस अधिनियम में साल 2019 में कई संशोधन किए गए. इनसे यह सुनिश्चित हुआ कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त किसी व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित किया जा सके, जिससे उसके खिलाफ जांच और कार्रवाई हो सके.
साल 2021 में भारत से भागे लॉरेंस बिश्नोई के साथी सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को इसी कानून के तहत भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित कर रखा है. बिश्नोई से अलग होकर गोल्डी अब कनाडा और अमेरिका में रहकर क्राइम करता है. सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्या का मुख्य आरोपी वही है. हालांकि, भारत सरकार की आतंकी संगठनों की सूची में अभी बिश्नोई गैंग का नाम नहीं है.
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