भारत-रूस के बीच रक्षा सहयोग पर अहम बैठक हुई. इसमें साझेदारी और मजबूत करने पर सहमति बनी. दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग पर बनी कार्यसमूह की ये पांचवीं बैठक दिल्ली में हुई. इसकी सह-अध्यक्षता भारत की ओर से एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित CISC, और रूस की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल इगोर डायलव्स्की, डिप्टी चीफ, मेन ऑपरेशनल डायरेक्टरेट ने की.
बैठक में दोनों देशों ने अब तक हुए रक्षा सहयोग की समीक्षा की और भविष्य में नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर चर्चा की. इस दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी और मजबूत करने पर सहमति बनी. भारत और रूस ने कहा कि वो अपने रक्षा संबंधों को और मज़बूत करेंगे. इसमें संयुक्त प्रशिक्षण, सैन्य आदान-प्रदान और नई पहलें शामिल होंगी.
मानेकशॉ सेंटर में हुई बैठक
यह बैठक भारत-रूस की विशेष और रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
भारत-रूस अंतर-सरकारी सैन्य एवं सैन्य तकनीकी सहयोग आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) के सैन्य सहयोग कार्य समूह की 5वीं बैठक 28-29 अक्टूबर 5 को दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित हुई थी.
The 5th Meeting of the Working Group on Military Cooperation of India-Russia Inter-Governmental Commission on Military & Military Technical Cooperation (IRIGC-M&MTC) took place in Manekshaw Centre, Delhi on October 28-29, 2025. The meeting was co-chaired by Chief of Integrated pic.twitter.com/IwHm3XhuMh
— ANI (@ANI) October 29, 2025
रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर जोर
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच चल रहे रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया और मौजूदा द्विपक्षीय सहयोग तंत्र के दायरे में नई पहलों पर विचार किया गया. कार्य समूह की बैठक, रूस के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ और अंतर्राष्ट्रीय सैन्य सहयोग के मुख्य निदेशालय के बीच नियमित बातचीत के माध्यम से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए स्थापित एक मंच है.

वर्तमान रक्षा सहयोग योजनाओं की समीक्षा की गई
भारतीय और रूसी सेनाओं के अधिकारियों ने बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने और सहयोग एवं ज्ञान-साझाकरण के नए अवसरों पर विचार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. अधिकारियों के मुताबिक बैठक में वर्तमान रक्षा सहयोग योजनाओं की समीक्षा की गई. रक्षा स्टाफ ने एक पोस्ट में कहा ‘दोनों पक्षों ने भारत-रूस रक्षा सहयोग को बढ़ाने, उन्नत प्रशिक्षण आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी के तहत नई पहलों का मार्ग प्रशस्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
