लद्दाख को लेकर गृह मंत्रालय में बैठक
लद्दाख को लेकर बुधवार को गृह मंत्रालय में बैठक हुई, जिसमें लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधि शामिल थे. लद्दाख के सांसद हाजी हनीफा जान दोनों संगठनों की तरफ से पैरवी करने वाले जनप्रतिनिधि के तौर पर इस बैठक में शामिल हुए.
मीटिंग के बाद हाजी हनीफा ने कहा कि स्टेटहुट और छठी सूची में शामिल किए जाने सहित तमाम मुद्दों पर बातचीत हुई. सोनम वांगचुक समेत अन्य गिरफ्तार लोगों की रिहाई को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. अगली बैठक जल्दी ही फिर होगी. कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की तरफ से असगर अली करबलई, कमर अली अखून और सज्जाद कारगिली ने बैठक में हिस्सा लिया.
इससे पहले केंद्र सरकार ने 17 अक्टूबर को लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) की एक प्रमुख मांग को पूरा करने के लिए 24 सितंबर की झड़पों की उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की घोषणा की. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.एस. चौहान की अध्यक्षता में न्यायिक जांच उन परिस्थितियों की जांच करेगी, जिससे गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई, पुलिस कार्रवाई की गई और इसके परिणामस्वरूप 1999 के कारगिल युद्ध के एक अनुभवी सैनिक सहित चार लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई.
