सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव.
अयोध्या में दीपोत्सव से पहले योगी सरकार को धेरते-घेरते समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम देशों में क्रिसमस पर महीनों रोशनी रहती है, उनसे सीखने की जरुरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा क्यों खर्च करना है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मैं कोई सुझाव नहीं देना चाहता, लेकिन भगवान राम के नाम पर एक सुझाव दूंगा. पूरी दुनिया में क्रिसमस के दौरान सभी शहर रोशन हो जाते हैं. और यह महीनों तक चलता है. हमें उनसे सीखना चाहिए. हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा क्यों खर्च करना है और इसके लिए इतना सोचना क्यों है?
मुख्यमंत्री योगी ‘स्टार विभाजक’
अखिलेश ने दिवाली पर बिजली कटौती के सवाल पर कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिहार चुनावी दौरे को लेकर निशाना साधते हुए शनिवार को उन्हें स्टार विभाजक करार दिया. यहां सपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि बिहार में स्टार प्रचारक बनकर नहीं गए, स्टार विभाजक बनकर गए हैं.
उन्होंने दावा किया कि बिहार के लोग सीएम योगी को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. बिहार के लोग सांप्रदायिक विचारधारा वाले लोगों को कभी स्वीकार नहीं करते. अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के शहरों में बिजली व्यवस्था, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की.
उन्होंने सवाल उठाया, फुस्स फुलझड़ी से दीपावली पर क्या उम्मीद करोगे? जब बिजली ही नहीं बनाई तो दोगे कहां से? जो बिजली बनी है वह समाजवादियों की बनाई हुई है. सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि लखनऊ में हर जगह कूड़ा फैला हुआ है. यह स्मार्ट सिटी है, जिसे बनाने में करोड़ों रुपए खर्च किए गए लेकिन सरकार यातायात व्यवस्था तक नहीं संभाल पा रही है.
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी और यातायात व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर न जाने कितनी बैठकें हुई हैं, लेकिन हर शहर जाम से जूझ रहा है. जब दिल्ली और लखनऊ की सरकारें स्मार्ट सिटी बना रही थीं और इतना धन आवंटित किया गया, तो आखिर वह जा कहां रहा है?
अखिलेश यादव ने कहा कि आप किसी भी शहर में जाकर देख लीजिए, हर जगह जाम है. बीजेपी सरकार को हटाओ, तभी चीजों में सुधार आएगा. सरकार ने बिजली व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. पहले बेच रहे थे, अब बेच भी नहीं पा रहे हैं. व्यवस्था इतनी खराब है कि अगली सरकार के लिए बिजली देना भी चुनौती बन जाएगा.
