उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम के साथ भव्य दीपोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। पांच दिनों तक चलने वाले इस बहुप्रतीक्षित दीपोत्सव में संपूर्ण रामनगरी त्रेतायुगीन वैभव और आध्यात्मिक उल्लास के रंग में रंगी नजर आ रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक 10वें दीपोत्सव को लेकर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह है।
56 घाटों पर 30 लाख दीयों का विश्व कीर्तिमान इस वर्ष का दीपोत्सव एक बार फिर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। सरयू नदी के कुल 56 प्रमुख घाटों और राम की पैड़ी पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये प्रज्ज्वलित करने का महालक्ष्य रखा गया है। इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा करने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 35,000 से अधिक स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं दिन-रात जुटी हुई हैं। घाटों पर दीयों को विशेष ब्लॉक पैटर्न और ज्यामितीय आकृतियों में सजाया जा रहा है, जिससे रोशनी होते ही पूरा तट स्वर्ण आभा से दमक उठेगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अंतरराष्ट्रीय रामलीला पांच दिवसीय इस उत्सव के दौरान अयोध्या की सड़कों और प्रमुख मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनवरत श्रृंखला चलेगी।
– झांकियों का भव्य प्रदर्शन: साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली शोभायात्रा में रामायण के विभिन्न प्रसंगों—श्रीराम जन्म, सीता स्वयंवर, लंका दहन और राज्याभिषेक—पर आधारित दर्जनभर सजीव और आकर्षक झांकियां शामिल हैं।
– वैश्विक कलाकारों का संगम: रामकथा पार्क में न केवल भारत के विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और कंबोडिया से आए अंतरराष्ट्रीय नाट्य दल पारंपरिक रामलीला का मंचन करेंगे।
2,100 ड्रोन का एरियल शो और लेजर मैपिंग
परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश इस बार के दीपोत्सव की सबसे प्रमुख विशेषता है। पर्यटन विभाग की ओर से सरयू के आकाश में 2,100 स्वदेशी ड्रोन का एक मेगा एरियल शो आयोजित किया जा रहा है। यह शो आसमान में भगवान श्रीराम, धनुष-बाण, पुष्पक विमान और राम दरबार की मनमोहक त्रि-आयामी (3D) आकृतियां उकेरेगा। इसके साथ ही राम की पैड़ी पर अत्याधुनिक 3D होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग और 22 मिनट का सिनेमैटिक लाइट एंड साउंड शो दर्शकों को रामायण काल का सजीव अनुभव कराएगा।
2,147 अर्चकों द्वारा सरयू महाआरती
दीपोत्सव के मुख्य दिवस पर सरयू तट पर होने वाली सामूहिक महाआरती भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। इस बार 2,147 अर्चक और संस्कृत विद्यालयों के बटुक एक साथ, एक लय में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां सरयू की भव्य महाआरती संपन्न करेंगे। यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगा बल्कि सामूहिक सहभागिता का नया राष्ट्रीय कीर्तिमान भी स्थापित करेगा।
अभेद्य सुरक्षा और नागरिक सुविधाएं
लाखों श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने अयोध्या को 5 स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा है। पूरे मेला क्षेत्र पर एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरों, एंटी-ड्रोन सिस्टम और पैरा-मिलिट्री बलों की पैनी नजर है। शहर के प्रवेश मार्गों पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और श्रद्धालुओं के लिए इलेक्ट्रिक शटल बसें, मेडिकल कैंप तथा पेयजल सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अयोध्या का यह 10वां दीपोत्सव सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर भारत की सनातन संस्कृति, लोककला और वैश्विक सौहार्द का जीवंत प्रतीक बन चुका है। दीपों की यह लौ पूरी दुनिया को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों और शांति का संदेश दे रही है।
