पाकिस्तान वह बुज़दिल मुल्क है जो हमेशा कायर की तरह वार करता है। पाकिस्तान का यह इतिहास है कि आज तक उसने जितनी भी लड़ाईयां लड़ी हैं, उन सब में उसे मुंह की खानी पड़ी है। जिस वक्त पीओके की जनता ने भारी विद्रोह करते हुए पाक सेना को घुटनों पर लाने के लिए मजबूर कर दिया है। ठीक उसी वक्त पाकिस्तान की कार्य सेना ने अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अफगानिस्तान में आधी रात ऐसा हमला किया जिस पर वो खुद ही फंस गया। दरअसल पाकिस्तान ने आधी रात अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में एयर स्ट्राइक करके लगभग 35 आम लोगों को मार गिराया। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह कारवाई कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर हुए हमले के जवाब में की गई है।
पाकिस्तान के इस हमले पर अफगानिस्तान भयंकर भड़क गया है और उसने पाकिस्तान पर ऐसा ऐलान किया है कि जिसने मुनीर और शहबाज के होश उड़ा दिए। यहां गौर करने वाली बात तो यह है कि अफगानिस्तान का यह ऐलान रूस की ओर से मिलने वाली एक ऐसी ताकत के बीच आया है जो पाकिस्तान पर भारी पड़ने वाली है। दरअसल अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के एयर स्ट्राइक पर तालिबान ने कड़ी चेतावनी दी है। तालिबान ने कहा है कि अगर हम हवा में नाकाम रहे तो जमीन के रास्ते पाकिस्तान से बदला लेंगे। अफगानिस्तान पर काबिज तालिबान प्रशासित इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जमीबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हम हवाई हमले का जवाब नहीं दे पाए तो जमीन के रास्ते बदला लेंगे। उन्होंने कहा है कि इस्लामिक अमीरात कुनार पख्तिया और पख्तिका में पाकिस्तानी हवाई हमलों का बदला लेकर रहेगा। जमी उल्लाह मुजाहिद ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए और निर्दोष लोगों का खून बहाने से कुछ भी नहीं होगा। यानी कि एक बार फिर से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
पाकिस्तान ने कुछ महीने पहले जब अफगानिस्तान में हमले किए थे तो तालीबान की सेना ने भी पाकिस्तान को धुआधुआ करते हुए उसे भारी नुकसान पहुंचाया था। अब जब पाकिस्तान ने फिर से हमले शुरू किए हैं तो अफगानिस्तान भी पाकिस्तान को तगड़ा जवाब देने की तैयारी करने में जुट गया है। यह बात सच है कि पाकिस्तान जमीनी स्तर पर ना तो कभी तालिबान का सामना कर सकता है और ना ही उसे हरा सकता। भले ही पाकिस्तान अब तक अफगानिस्तान पर हवाई हमले करके खुद को बहुत बड़ा दादा समझ रहा हो। लेकिन अब जल्द अफगानिस्तान को रूस से वो ब्रह्मास्त्र मिलने वाला है जो ना सिर्फ पाकिस्तान के हवाई हमलों को नाकाम करेगा बल्कि अफगानिस्तान को पाकिस्तान पर हमला करने के लिए मजबूर करेगा क्योंकि हाल ही में तालीबान के रक्षा मंत्री ने रूस के साथ कई सैन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। यह पहला बड़ा सुरक्षा मंच था जिस पर रूस की ओर से तालिबान सरकार को मान्यता दिए जाने के बाद उसके बड़े नेता शामिल हुए थे।
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