यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी के अनुसार, शुक्रवार को यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूथी मिलिशिया पर अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो मिसाइलों से निशाना बनाने का आरोप लगाया। ये मिसाइलें यमेनिया एयरलाइंस के एक विमान के पास गिरीं, जो काहिरा के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। एक्स पर एक पोस्ट में अल-एरियानी ने बताया कि अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से काहिरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए जाने वाली यमेनिया एयरलाइंस की उड़ान IY 612 उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी, तभी हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया। बताया गया है कि मिसाइलें विमान से लगभग 500 मीटर दूर और रनवे के केंद्र से करीब 100 मीटर की दूरी पर गिरीं। अल-एर्यानी ने कहा कि हम अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि यमेनिया एयरलाइंस की उड़ान संख्या (IY 612) के यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। यह विमान अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से काहिरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, तभी आतंकवादी हौथी मिलिशिया ने हवाई अड्डे पर दो मिसाइलें दागीं। ये मिसाइलें विमान से लगभग 500 मीटर दूर और रनवे के केंद्र से करीब 100 मीटर की दूरी पर गिरीं।” उन्होंने कहा कि इस घटना से एक बड़ी मानवीय त्रासदी हो सकती थी। उन्होंने हौथियों पर नागरिक उड्डयन को खतरे में डालने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों व नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
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उन्होंने आगे कहा कि ईश्वरीय कृपा से एक भयानक मानवीय आपदा टल गई, जिसमें दर्जनों निर्दोष यात्रियों की जान जा सकती थी। यह न केवल एक नागरिक हवाई अड्डे पर हमला था, बल्कि यात्रियों और फ्लाइट क्रू की जान के लिए सीधा खतरा था, विमानन सुरक्षा के लिए चुनौती थी, और अंतरराष्ट्रीय कानूनों व नियमों का गंभीर उल्लंघन था। अल-एर्यानी ने इस बात पर जोर दिया कि अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यमन के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, जिसका उपयोग वे इलाज, शिक्षा और रोजगार के लिए यात्रा करने तथा अपने परिवारों के पास लौटने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा एक ऐसे नागरिक हवाई अड्डे को निशाना बनाना, जहाँ से रोज़ाना दर्जनों उड़ानें संचालित होती हैं, जिनके ज़रिए इलाज के लिए जाने वाले मरीज़, अपना भविष्य बनाने के लिए निकलने वाले छात्र, अपने परिवारों के पास लौटने वाले या काम पर जाने वाले प्रवासी, और दुनिया से जुड़ने के लिए इस अहम रास्ते पर निर्भर हज़ारों यमनी नागरिक यात्रा करते हैं। यह न तो कोई सैन्य उपलब्धि है और न ही ऐसी कोई जीत जिस पर गर्व किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि इस हमले से यमनी लोगों के जीवन, आवाजाही, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के अधिकार पर ख़तरा पैदा हुआ है। अल-एर्यानी ने कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले ‘वैधता का समर्थन करने वाले गठबंधन’ (Coalition to Support Legitimacy) के हमारे भाइयों के सहयोग और समर्थन से, हमारा देश अपने लोगों, संस्थानों और महत्वपूर्ण सुविधाओं की रक्षा करना जारी रखेगा। हमारा लक्ष्य हूथी ख़तरे को खत्म करना, यमन में सुरक्षा और स्थिरता को मज़बूत करना और देश की व्यवस्था को बहाल करना है।” इस बीच, सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defence) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिमी प्रांत जाज़ान के लिए जारी की गई चेतावनी को हटा लिया है, और कहा है कि अब ख़तरा टल गया है।
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सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सुरक्षा सलाह जारी की। 15 अक्टूबर की तारीख वाली इस सलाह में अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि देश में हाल ही में हुए मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) हमलों के मद्देनजर, हवाई अड्डों पर हमले हो सकते हैं, हवाई क्षेत्र बंद किए जा सकते हैं, उड़ानें रद्द हो सकती हैं और यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं। सलाह में कहा गया है कि “सऊदी अरब में काम करने वाले अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को, हवाई अड्डों पर हुए हालिया मिसाइल और UAV हमलों के बाद, देश के किसी भी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए ‘चीफ ऑफ मिशन’ से विशेष अनुमति लेनी होगी।” सऊदी अरब के ‘जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन’ ने रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन (ऑपरेशंस) के निलंबन को 17 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। जेद्दा का किंग अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और दम्मम का किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चालू तो हैं, लेकिन वहां कुछ उड़ानों में देरी हो रही है और कुछ रद्द भी की जा रही हैं।
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