विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे। बैठक में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुगम बनाने और साझा आर्थिक व सुरक्षा चुनौतियों पर सहयोग मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जयशंकर गुरुवार देर रात अटलांटा पहुंचे और वे दो दिनों तक चलने वाली चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। बैठक की शुरुआत भू-राजनीतिक मुद्दों पर रुबियो के संबोधन से होगी, जिसके बाद ऊर्जा और आर्थिक विकास पर एक सत्र आयोजित किया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका G20 को उसके मूल आर्थिक मिशन की ओर वापस ला रहा है – जिसका उद्देश्य विकास को बढ़ावा देना, आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना और अमेरिकी लोगों के लिए परिणाम देना है।
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विभाग ने कहा इस मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान, अमेरिका अपने G20 साझेदारों के साथ मिलकर उन भू-राजनीतिक संकटों से निपटने के लिए काम करेगा, जो वैश्विक आर्थिक झटकों का कारण बन रहे हैं। इनमें आवाजाही की स्वतंत्रता, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) के सामने मौजूद खतरे शामिल हैं। विभाग ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं। ये चर्चाएं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के G20 लीडर्स समिट और नेताओं द्वारा उठाए जाने वाले व्यापक आर्थिक एजेंडे के लिए आधार तैयार करेंगी। विभाग ने बताया कि अटलांटा, जो कूटनीति, कनेक्टिविटी और व्यापार का एक वैश्विक केंद्र है, इन वार्ताओं के लिए एक उपयुक्त पृष्ठभूमि प्रदान करता है। ट्रंप 14 और 15 दिसंबर को मियामी में G20 लीडर्स समिट की मेजबानी करने वाले हैं।
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क्वाड देशों – भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया – के विदेश मंत्री G20 बैठक के दौरान आपस में मुलाकात करेंगे। इस साल यह उनकी दूसरी बैठक होगी। इससे पहले, अगले महीने फिलीपींस में अमेरिका की मेजबानी में नेताओं का एक शिखर सम्मेलन होने की संभावना है। अटलांटा में G20 और क्वाड बैठकों में हिस्सा लेने के बाद, जयशंकर 1 से 4 नवंबर तक ‘कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग’ के लिए एंटीगुआ और बारबुडा जाएंगे। इस यात्रा के दौरान आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहुपक्षीय बातचीत होगी।

