तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य और यमन के हालात पर चर्चा की, साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध सहित क्षेत्रीय संघर्षों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के प्रति तुर्की के समर्थन को दोहराया। तुर्की के संचार निदेशालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने अंकारा और वाशिंगटन के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर बातचीत की। ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में संचार कार्यालय ने बताया कि एर्दोआन ने अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के प्रति तुर्की की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। गौरतलब है कि दोनों देश अगले साल अपने संबंधों की शताब्दी मनाने की तैयारी कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति एर्दोगन ने बताया कि ‘मक्का संयुक्त रक्षा गठबंधन’ (Makkah Joint Defense Alliance) के तौर पर हम होर्मुज जलडमरूमध्य और यमन के हालात पर करीबी नजर रख रहे हैं, और कूटनीति के जरिए इन समस्याओं को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
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एर्दोगन ने रूस और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के प्रयासों में तुर्की के योगदान देने की इच्छा भी जताई, और बातचीत के जरिए युद्ध खत्म करने के महत्व पर जोर दिया। संचार कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि तुर्की, यूक्रेन और रूस के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करने और इस प्रक्रिया के जरिए युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार है। बयान में आगे कहा गया है कि इस बीच, ट्रम्प ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एर्दोगन और तुर्की की जनता को बधाई दी, और ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ तुर्किक स्टेट्स’ (Organization of Turkic States) के आगामी शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। यह टेलीफोन बातचीत ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। इसमें खास तौर पर ईरान से जुड़े मुद्दे और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही की सुरक्षा शामिल है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद अहम रास्ता है।
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इससे पहले, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने खबर दी थी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर मोहसेन रेज़ाई को एक पत्र भेजा था। इसका मकसद वाशिंगटन और तेहरान के बीच फिर से बातचीत शुरू करने की संभावना तलाशना था। रिपोर्ट के अनुसार, यह संदेश ट्रम्प के निर्देश पर भेजा गया था। हालांकि, बाद में ट्रम्प ने इन दावों को खारिज कर दिया कि उन्होंने वेंस को शांति वार्ता शुरू करने का निर्देश दिया था। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह संदेश ईरान के लिए चिकित्सा आपूर्ति से जुड़ा था। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक राहत को लेकर असहमति के कारण वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक प्रयासों में मुश्किलें आई हैं, जबकि ट्रम्प ने फिर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देना जारी रखा है।

