अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो ट्रूक चेतावनी देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हर हमले के जवाब में अमेरिका, ईरान के एक पुल या पावर प्लांट को बम से उड़ा देगा। वहीं दूसरी तरफ, तेहरान ने वाशिंगटन पर हमलावर रुख अपनाते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका ‘पिकैक्स माउंटेन’ को ढाल बनाकर उस पर नए हमलों की ज़मीन तैयार कर रहा है—खासकर तब, जब ट्रंप पहले ही ईरान के इस संदिग्ध अंडरग्राउंड न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाने की खुली धमकी दे चुके हैं। जॉर्डन की सेना का कहना है कि उन्होंने आज ईरान के कई हमलों को रोका और उन्हें नाकाम कर दिया। इससे पहले मंगलवार देर रात अमेरिकी सेना ने ईरान के पश्चिमी और दक्षिणी शहरों पर हमले किए थे। जैसा कि ईरानी अधिकारियों ने बताया।
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पेंटागन के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 37.5 अरब डॉलर का खर्च आया है। इस बीच, एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक परमाणु समझौते को मंज़ूरी दी है, जिससे सऊदी अरब नागरिक रिएक्टरों के लिए अपना ईंधन खुद तैयार कर सकता है। इज़राइल के विपक्षी नेताओं ने इस समझौते की आलोचना की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि हर बार जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी जहाज को निशाना बनाएगा, तो अमेरिका एक पुल या बिजली संयंत्र को बम से उड़ाकर तबाह कर देगा।
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ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, इस पल के बाद से, जब भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी भी अन्य हथियार से हमला करेगा, संयुक्त राज्य अमेरिका एक पुल या पावर प्लांट पर बमबारी कर उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा, जिसमें राजधानी तेहरान के अंदर या उसके पास मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं। ट्रंप इससे पहले भी ईरानी नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दे चुके हैं—जिसे युद्ध अपराध माना जा सकता है। पिछले हफ्ते फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि अगर ईरान टेबल पर आकर बातचीत नहीं करता है, तो अमेरिका “ईरान के सभी पुलों को नष्ट कर देगा।

