कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े होने की शुरुआत हो चुकी है क्योंकि पीओके में बगावत की आग अब तेजी से भड़क रही है और अब पीओके की आवाम यह ऐलान कर रही है कि वो पाकिस्तानी तानाशाहों से पूरी तरह आजाद है। पीओके के लोग खुद यह ऐलान कर रहे हैं कि पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और अगर अब हद पार की तो यह भारत के साथ आएंगे। हमें तुम्हारे राशन की जरूरत नहीं है। तुम्हें हमारी जरूरत है। तो हम किसी डिक्टेटर को नहीं मानते। कश्मीर के आवाम किसी डिक्टेटर को कबूल नहीं करेंगे। कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। रावलकोट से लेकर मुजफराबाद तक पाकिस्तान विरोधी नारों की गूंज इस वक्त सुनाई दे रही है।
पाकिस्तानी हुकूमत और सेना को सीधी चेतावनी दी है। गिरफ्तार लोगों की रिहाई और फौजी तैनाती वापस नहीं हुई तो आंदोलन और ज्यादा उग्र होगा।
पूरा पाकिस्तान मुनीर की जातियों और शहबाज की नीतियों से परेशान है। लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से मुनीर और शहबाज की हाइब्रिड सरकार को ओपन चैलेंज अब दे दिया गया है। लड़ाई लड़ रही पीओके की जनता ने यह कह दिया है कि वो किसी तानाशाह को नहीं मानती और पीओके पूरी तरह आजाद है। शहबाज सरकार को यह आईना और मुनीर के मुंह पर यह किसी तमाचे से कम नहीं है। रावलकोट की जो आवाम है इन्होंने इन दोनों के मुंह पर तमाचा मारा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का यह वही इलाका है रावलकोट जहां पिछले तीन हफ्तों से हजारों लोग सड़कों पर डटे हुए हैं। महिलाएं, युवाएं, बुजुर्ग हर वर्ग का गुस्सा अब आजादी के आंदोलन में बदल चुका है। पीओके में जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी यानी कि जैक के बैनर तले लोग पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लामबंद हैं। सीधी चेतावनी दे रहे हैं। मांगे नहीं पूरी हुई तो फिर से आंदोलन का अगला चरण जो है ये शुरू होगा जो पहले से कई गुना ज्यादा खतरनाक होगा। रावलकोट में बड़ी-बड़ी रैलियां और इस वक्त प्रदर्शन हो रहे हैं। विशाल रैली में हजारों लोग पाकिस्तान विरोधी नारों के साथ अपनी आवाज को बुलंद कर रहे हैं। खुद पर हो रहे जुल्मों के खिलाफ आखिरी जंग का यह ऐलान कर चुके हैं। पीओके की आवाम इल्जाम लगा रही है। यह आरोप लगा रही है कि पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स लगातार दमन कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। जबरन में घरों पर छापे मारे जा रहे हैं और पूरे इलाके को सैन्य छावनी में बदला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि पिछले तीन हफ्तों में 1500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और वह भी बिना कोई वजूद के बिना कोई वजह के। दरअसल पीओके में जैक सबसे एक्टिव पाकिस्तान विरोधी संगठनों में से एक है जो लंबे समय से पीओके की समस्याओं, महंगाई, बिजली, पानी की कमी और पाकिस्तानी शासन के खिलाफ आवाज उठाता रहा है और इस बार का मुख्य मुद्दा सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और कार्यकर्ताओं पर दमन है। प्रदर्शनकारियों का यह कहना है कि पाकिस्तानी हुकूमत और फौज पीओके को अपने कब्जे में रखने के लिए दमन की नीति अपना रही है।
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