प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील के बाद रेखा गुप्ता ने राजधानी में बड़ा प्रशासनिक और आर्थिक अनुशासन अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में 10 बड़े फैसलों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य ईंधन बचत, खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। बैठक में सबसे बड़ा फैसला सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने का लिया गया। साथ ही निजी कंपनियों से भी अपील की जाएगी कि वे कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से काम करने की सुविधा दें, ताकि ट्रैफिक और ईंधन की खपत कम हो सके।
रेखा गुप्ता ने खुद अपने काफिले में 60 प्रतिशत तक कटौती की है। अब उनके काफिले में केवल चार वाहन रहेंगे, जिनमें दो इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों के वाहनों की संख्या भी घटाई गई है और जहां संभव होगा, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों के लिए पेट्रोल और डीजल की सीमा में 20 प्रतिशत कटौती की गई है। जिन अधिकारियों को पहले 200 लीटर पेट्रोल मिलता था, उन्हें अब 160 लीटर मिलेगा, जबकि 250 लीटर की सीमा घटाकर 200 लीटर कर दी गई है। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए हर सोमवार को मंत्रियों और अधिकारियों के मेट्रो से कार्यालय आने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही लोगों से भी सप्ताह में एक दिन निजी वाहन का उपयोग न करने की अपील की गई है। दिल्ली सरकार ने कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया है। अब दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक कार्य करेंगे, जबकि दिल्ली नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुले रहेंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकार अपनी 50 प्रतिशत बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करेगी। साथ ही अगले एक वर्ष तक कोई भी मंत्री, अधिकारी या कर्मचारी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं जाएगा। अगले तीन महीनों तक सरकार बड़े सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन से भी परहेज करेगी। ऊर्जा बचत को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाएगा, ताकि बिजली की खपत कम की जा सके। रेखा गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली सरकार अगले छह महीनों तक कोई नया पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक वाहन नहीं खरीदेगी। साथ ही सरकार केवल 100 प्रतिशत ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों का इस्तेमाल करेगी। इन फैसलों के साथ राजधानी में 90 दिनों का एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके जरिए लोगों को बचत, स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार की यह पहल आर्थिक अनुशासन, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में बड़ा कदम हो सकती है। यदि इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो इससे राजधानी में ईंधन की बचत, ट्रैफिक में कमी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट – अभिनव गुप्ता
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Desk SBN : दिल्ली सरकार का बड़ा ‘सेविंग प्लान’, वर्क फ्रॉम होम, मेट्रो डे और विदेशी दौरों पर रोक
स्वराज भारत न्यूज़ डेस्क एक समर्पित टीम है, जो सटीक, निष्पक्ष और समयबद्ध समाचारों के माध्यम से पाठकों को सशक्त बनाने में विश्वास रखती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति, विज्ञान और खेल से जुड़ी विश्वसनीय खबरों की प्रस्तुति के साथ, हम पत्रकारिता की उच्च नैतिकता और पाठकों के भरोसे को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। हमारा उद्देश्य है - सच्चाई सामने लाना और समाज को जागरूक बनाना।
Related Posts
हमारे बारे में
भारत का प्रमुख हिंदी वेब न्यूज़ चैनल, जो 24 घंटे समाचार, समसामयिक घटनाओं, मनोरंजन और राजनीति की कवरेज करता है।
हमारा मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
हमारा उद्देश्य है आपको हर पल ताज़ा खबरों, समसामयिक घटनाओं, मनोरंजन और राजनीति से अपडेट रखना।
अगर आपके पास कोई भी खबर, तस्वीर, वीडियो या संदेश है, तो हमें भेजें:
Email Us: swarajbharat.in@gmail.com, desk@swarajbharatnews.com
Contact/Whatsapp: +91 9911333143
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

