यमन के दक्षिणी क्षेत्र में एक सरकारी सैन्य शिविर पर हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है, जिनमें अधिकांश नए रंगरूट शामिल थे। यमन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शबवा के गवर्नर अवध इब्न अल-वज़ीर ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि रंगरूटों की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच थी।
उन्होंने बताया कि ईरान समर्थित विद्रोहियों द्वारा दक्षिणी प्रांत शबवा में अल-आलम प्रशिक्षण शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने के एक दिन बाद भी कुछ लोग लापता थे। सोमवार को हुआ यह हमला यमन में हाल के दिनों में तेज हुए संघर्ष का हिस्सा है। हिंसा का यह नया दौर जुलाई में शुरू हुआ जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की सेनाओं ने हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमले किए थे।
इन हमलों से 2022 में हुआ युद्धविराम समझौता टूट गया था। हूतियों ने सऊदी अरब पर भी मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं। अमेरिका से मिले अत्याधुनिक हथियारों के बावजूद सऊदी अरब को इन हमलों का मुकाबला करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अल-आलम शिविर पर यह हमला उस समय हुआ, जब नए रंगरूट प्रशिक्षण सत्र के लिए कतार में खड़े थे। गवर्नर ने बताया कि हमले में 200 से अधिक रंगरूट घायल भी हुए हैं। स्थानीय सरकार के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए दूसरे प्रांतों के अस्पतालों में भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि मारे गए रंगरूटों में कम से कम 15 एक ही यमनी कबीले के थे। सऊदी अरब के स्वामित्व वाले समाचार चैनल ‘अल अरबिया’ पर प्रसारित बयान में शबवा के गवर्नर अवद इब्न अल-वजीर ने कहा कि मारे गए सभी लोग शबवा क्षेत्र के नए रंगरूट थे। उन्हें प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था, न कि युद्ध अभियानों में हिस्सा लेने के लिए।
उन्होंने कहा, “इन रंगरूटों ने कभी किसी लामबंदी या अग्रिम मोर्चे पर हिस्सा नहीं लिया था। उनका मोर्चों से कोई संबंध नहीं था…।’’
सऊदी अरब के अधिकारियों ने मंगलवार सुबह राजधानी क्षेत्र में संभावित हमले को लेकर चेतावनी जारी की। इसके बाद उत्तरी रियाद में धमाके की आवाज सुनी गई, जिस इलाके में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है।
इस महीने हवाई अड्डे पर हूतियों के बार-बार हुए हमलों के कारण परिचालन रोकना पड़ा है। कुछ ही समय बाद स्थिति सामान्य होने की घोषणा की गई। सऊदी अरब ने कहा कि हूतियों की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच रास्ते में निष्क्रिय कर दिया गया।

