नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) स्थित सेंट्रल पार्क में दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय दीपोत्सव ‘दिल्ली की दिवाली – सबसे निराली, मिलकर मनाने वाली’ (जगमग दिवाली) का भव्य आगाज हो गया है। रोशनी, भक्ति और आधुनिक कला के इस अनूठे संगम ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया है।
रोशनी, संगीत और आस्था का त्रिवेणी संगम
शाम ढलते ही सेंट्रल पार्क हजारों दीपों और कलात्मक लाइटिंग की रोशनी से नहा उठा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन शो रहा, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आधुनिक तकनीक और कला के तालमेल से सैकड़ों ड्रोनों ने आसमान में देवी-देवताओं और भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों की मनमोहक आकृतियां उकेरीं।
ड्रोन शो के उपरांत गणेश-लक्ष्मी जी की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाआरती संपन्न हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
‘भजन क्लबिंग’ ने बांधा समां
परंपरा और आधुनिकता के समन्वय के तहत आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ युवाओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसमें पारंपरिक भजनों व भक्ति संगीत को समकालीन संगीत बीट्स के साथ प्रस्तुत किया गया। युवाओं और परिवारों ने भक्ति रस में झूमते हुए इस नए प्रयोग का भरपूर आनंद लिया।
जनभागीदारी और नकद पुरस्कारों की बहार
उत्सव को केवल एक सरकारी आयोजन तक सीमित न रखकर जन-उत्सव बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने तीन प्रमुख डिजिटल व कला प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं:
रंगोली बनाओ, दिल्ली को दिखाओ: पारंपरिक लोककला को मंच देने वाली इस स्पर्धा में उत्कृष्ट रंगोली के लिए ‘गोल्डन दिया अवार्ड’ (₹71,000) सहित कई नकद पुरस्कार रखे गए हैं। शूट ‘एन शाइन (फोटोग्राफी): दिल्ली के दीपोत्सव के बेहतरीन पलों को कैमरे में कैद करने वालों के लिए प्रथम पुरस्कार ‘गोल्डन फ्रेम अवार्ड’ (₹1,01,000) रखा गया है। रील इट (डिजिटल कंटेंट): रचनात्मक रील्स बनाने वाले युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ‘गोल्डन लेंस अवार्ड’ के तहत ₹1,51,000 तक के आकर्षक नकद पुरस्कार शामिल हैं।
सामूहिक और पर्यावरण-अनुकूल उत्सव का संदेश
समारोह के दौरान सामूहिक रूप से त्योहार मनाने और प्रदूषण मुक्त, पर्यावरण-अनुकूल दिवाली की भावना पर विशेष बल दिया गया। आयोजकों के अनुसार, इस सार्वजनिक दीपोत्सव का उद्देश्य दिल्लीवासियों को एक ऐसा खुला मंच देना है जहाँ वे पटाखों और प्रदूषण से दूर रहकर सामूहिक उल्लास, कला और संस्कृति के साथ दीपावली का पर्व मना सकें।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों, फूड स्टॉल्स और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच सेंट्रल पार्क में उमड़ा जनसैलाब यह साबित कर रहा है कि दिल्ली सचमुच मिलकर और निराले अंदाज में त्योहार मनाना जानती है।