कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय संघ (ईयू) के शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को एक अभूतपूर्व गठबंधन बनाने पर जोर दिया, जिससे कनाडा इस समूह का पहला “सहयोगी सदस्य” बन सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी सरकारों और शक्तिशाली प्रौद्योगिकी कंपनियों का आर्थिक दबाव ईयू के सदस्य देशों की संप्रभुता के लिए खतरा है। कार्नी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मॉन्ट्रियल में ये बातें कहीं।
कनाडा और यूरोप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध और पारंपरिक सहयोगियों के खिलाफ दी गई धमकियों के जवाब में आपस में व्यापार, रक्षा और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उर्सुला ने कहा, “जब व्यापार आर्थिक दबाव का जरिया बन जाता है, तो इसका खामियाजा परिवारों को भुगतना पड़ता है – चाहे वह सुपरमार्केट के सामान की कीमत हो या नयी कार की कीमत। हम अपनी संप्रभुता पर हमला होते हुए देख रहे हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि कभी स्थिरता का स्रोत माने जाते रहे आर्थिक संबंध अब दबाव डालने के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
उर्सुला ने ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए केवल एक ही आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता का उदाहरण दिया। कार्नी ने कहा कि प्रस्तावित गठबंधन आर्थिक संकटों से सामना करने में कनाडा की मदद करेगा और विदेशी सरकारों तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों को उसके फैसलों पर अपनी मर्जी थोपने से रोकेगा। उन्होंने कहा, “एक खतरनाक और बंटी हुई दुनिया में संप्रभुता क्यों मायने रखती है?
यह हमें संकटों का सामना करने में सक्षम बनाती है। यह हमें अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीने की आजादी देती है।”

