पाकिस्तान ने सऊदी अरब को दी जाने वाली सैन्य सहायता बढ़ा दी है। क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब को बढ़ते सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए पाकिस्तान ने वहां रक्षा उपकरणों और एयर डिफेंस सिस्टम की नई खेप भेजने के साथ-साथ अतिरिक्त सैनिक भी तैनात किए हैं। सुरक्षा से जुड़े एक उच्च पदस्थ सूत्र ने CNN-News को बताया कि इस्लामाबाद, सितंबर 2025 में दोनों देशों के बीच हुए ‘स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ (SMDA) के तहत सऊदी अरब को लगातार सैन्य उपकरण मुहैया करा रहा है। सूत्र ने बताया कि हाल ही में भेजी गई खेप में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें, रॉकेट और स्वदेशी ड्रोन शामिल हैं। इनका मकसद सऊदी अरब की उन क्षमताओं को मजबूत करना है, जिनकी मदद से वह अपने प्रमुख शहरों और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा कर सके। सूत्र ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सैनिकों को लगातार थोड़ी-थोड़ी संख्या में सऊदी अरब भेजा जा रहा है, जबकि पाकिस्तान वायु सेना के परिवहन विमान और सैन्य कार्गो उड़ानें कथित तौर पर साजो-सामान पहुँचाने के काम में शामिल हैं।
पाकिस्तान ने सऊदी अरब को दी जाने वाली सैन्य सहायता बढ़ाई
यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान और सऊदी अरब क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच अपने आपसी रक्षा समझौतों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इन चिंताओं में यमन के हूथी आंदोलन से जुड़े खतरे भी शामिल हैं। सितंबर 2025 में हस्ताक्षरित SMDA (समझौते) के तहत, दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि उनमें से किसी एक के खिलाफ होने वाले हमले को दोनों के खिलाफ हमला माना जाएगा। इस समझौते ने इस्लामाबाद और रियाद के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को औपचारिक रूप दे दिया है। पाकिस्तान दशकों से सऊदी अरब में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है, जिसमें प्रशिक्षण और अन्य रक्षा सहयोग कार्यों में शामिल कर्मी भी शामिल हैं। हालाँकि, इस तैनाती के दायरे और इसके संचालन संबंधी विवरणों का सार्वजनिक रूप से पूरा खुलासा नहीं किया गया है। सुरक्षा सूत्र ने दावा किया कि इस नई सहायता में स्थानीय स्तर पर विकसित ड्रोन, रॉकेट, मिसाइलें और वायु रक्षा उपकरण शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन प्रणालियों का उद्देश्य सऊदी अरब के शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संभावित हवाई खतरों से बचाना है। सूत्र ने यह भी दावा किया कि रक्षा उपकरणों को सऊदी अरब पहुंचाने के लिए पाकिस्तान वायु सेना के परिवहन विमानों और सैन्य कार्गो उड़ानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खबरों के अनुसार, इस तैनाती के दौरान पाकिस्तान वायु सेना का एक IL-78 हवाई ईंधन भरने वाला विमान भी सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ था।
सऊदी अरब के सामने क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं।
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यह मदद ऐसे समय में सामने आई है जब यमन के हूतियों सहित क्षेत्रीय ताकतों से सऊदी अरब के इलाके और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को होने वाले खतरों को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। पाकिस्तान ने सार्वजनिक रूप से सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस्लामाबाद ने यह भी कहा है कि रियाद के साथ उसका रक्षा सहयोग जारी है, साथ ही उसने यमन में बातचीत के जरिए राजनीतिक समाधान निकालने के महत्व पर भी जोर दिया है। SMDA (एसएमडीए) पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि इसके जरिए दोनों देशों के बीच आपसी रक्षा की एक औपचारिक प्रतिबद्धता कायम हुई है।
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रक्षा सहयोग की वित्तीय शर्तें अभी भी स्पष्ट नहीं हैं
सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब से मिलने वाली भारी वित्तीय रकम के बदले में उसे सैन्य उपकरण और सैनिक मुहैया करा रहा है। हालाँकि, भुगतान की व्यवस्था के बारे में कोई आँकड़े या विवरण नहीं दिए गए हैं, और इन कथित वित्तीय शर्तों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। ये घटनाक्रम पाकिस्तान-सऊदी रक्षा साझेदारी के बढ़ते महत्व को दर्शाते हैं, क्योंकि रियाद क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करने का प्रयास कर रहा है।

