यूक्रेन और रूस ने अमेरिका की मध्यस्थता वाली शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है और दोनों देश मेलानिया ट्रंप के नेतृत्व वाले मानवीय मिशन का समर्थन कर रहे हैं। लेकिन इस हफ्ते क्षेत्र और सुरक्षा गारंटी को लेकर फिर से उभरे गहरे मतभेद, युद्ध को खत्म करने की राह में आने वाली बाधाओं को रेखांकित करते हैं। साढ़े चार साल से ज़्यादा समय तक चली लड़ाई के बाद, नयी कूटनीतिक पहल सामने आई है, जिसके साथ शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घोषणा भी की गई।
कीव और मॉस्को ने यूक्रेन के दक्षिणी युद्धग्रस्त क्षेत्र खेरसोन के एक शहर में अगले सप्ताह सहायता पहुंचाने की अनुमति देने के लिए स्थानीय युद्धविराम पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी एवं अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और रूस तथा यूक्रेन के असैन्य वार्ताकारों के बीच गुप्त परामर्श के बाद यह सहमति बनी। हालांकि, इस पहल से भविष्य में इसी तरह के मानवीय अभियानों की उम्मीदें जगी हैं, लेकिन ऐसे बहुत कम संकेत मिले कि किसी भी अहम स्थिति में कोई बदलाव आया है।
रूस यूक्रेन के उन इलाकों की मांग कर रहा है जिन पर उसका पूरा नियंत्रण नहीं है, जबकि कीव का जोर इस बात पर है कि किसी भी समझौते में आगे हमला न होने की पक्की गारंटी शामिल होनी चाहिए। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यह कहने के कुछ ही घंटों बाद कि वह वार्ता फिर से शुरू करने के लिए ‘‘सैद्धांतिक रूप से’’ सहमत हैं, रूस ने कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से घातक हमला किया। मॉस्को ने कहा कि उसने अपने शहरों की ओर आ रहे 800 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया है।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय सह आवास क्रेमलिन के एक प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत का अगला दौर नवंबर के मध्य के आसपास संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में होने की संभावना है।

