अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर इकाइयों का दौरा किया। यहाँ अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनके परिवार के लगभग सभी सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद रुबियो ने दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी का दौरा किया। इस दौरे में रिलायंस का ‘वंतारा’ (Vantara) पशु बचाव केंद्र और उनकी ग्रीन-एनर्जी गीगा फैक्ट्रियां भी शामिल थीं।
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भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि रुबियो के साथ रिलायंस की जामनगर इकाइयों का दौरा करना उनके लिए सम्मान की बात है। दोनों देशों के बीच बढ़ती ऊर्जा साझेदारी का जिक्र करते हुए, गोर ने बताया कि पिछले एक साल में भारत द्वारा अमेरिका से आयात की जाने वाली लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की मात्रा 10% से कम से बढ़कर 67% हो गई है। इस तरह, अमेरिका अब भारत का सबसे बड़ा LPG आपूर्तिकर्ता बन गया है।
गोर ने 50 वर्षों में अमेरिका की पहली नई तेल रिफाइनरी में रिलायंस के प्रस्तावित निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और रोजगार पैदा करने के एक और बड़े अवसर के रूप में बताया। रूबियो का यह दौरा उस बयान के एक दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने भारत को कच्चे तेल की रिफाइनिंग में एक “महाशक्ति” (superpower) बताया था और भारत से वेनेजुएला के कच्चे तेल की अधिक प्रोसेसिंग करने का आग्रह किया था। विश्लेषकों का कहना है कि इस दौरे ने भारत के सबसे बड़े निजी औद्योगिक समूहों में से एक, रिलायंस को अमेरिका-भारत ऊर्जा कूटनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।
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अधिकारियों ने अंबानी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को एक “निजी दौरा” बताया। किसी भी पक्ष ने इस दौरे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इस दौरे की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने अपनी पत्नी नीता अंबानी और अपने बच्चों, ईशा और अनंत के साथ मिलकर रुबियो का स्वागत किया। रिलायंस का जामनगर कॉम्प्लेक्स प्रतिदिन 1.4 मिलियन बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकता है, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल सिंगल-साइट रिफाइनरी बनाता है। यहाँ से होने वाला ईंधन का निर्यात इसे वैश्विक आपूर्ति के लिए एक प्रमुख केंद्र भी बनाता है।

