यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज के एक रिहायशी इलाके पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमला किया, जिसमें दो किशोरियों की मौत हो गई। मंगलवार को हुए इस हमले ने देश में बढ़ते संघर्ष के बीच ताइज के आम नागरिकों पर मंडरा रहे खतरों की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। यह शहर हमलों और घेराबंदी का लंबे समय से सामना कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने मंगलवार को कहा कि हूती विद्रोहियों ने ताइज की बड़े पैमाने पर घेराबंदी कर रखी है जिसके कारण शहर का संपर्क अधिकांश प्रमुख मार्गों से कट गया है और यहां के नागरिक ‘‘गंभीर खतरे’’ में हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम यमन में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस शहर की घेराबंदी के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। इसके कारण कई निवासी भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं से वंचित हो गए हैं।
यमन सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मंगलवार को ताइज पर हुआ यह हमला सरकारी सैन्य शिविर पर हूती विद्रोहियों के हमले के ठीक एक दिन बाद हुआ। उस हमले में 73 जवानों की मौत हो गई थी।

