ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि शांति के लिए हर मोर्चे पर युद्ध का पूरी तरह रुकना ज़रूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी एक इलाके में भी लड़ाई जारी रहती है, तो पूरे क्षेत्र में युद्ध बना रहेगा। लेबनान के ‘अल मयादीन’ टीवी नेटवर्क का हवाला देते हुए, सरकारी समाचार एजेंसी ‘IRNA’ ने बताया कि खतीबज़ादेह के अनुसार, ईरान लेबनान पर इज़राइल के युद्ध को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (Memorandum of Understanding) में शामिल किया गया था, जिस पर इस साल जून के मध्य में ईरान और अमेरिका ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत में लेबनान एक अहम मुद्दा था, और बेरूत की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने दोनों पक्षों को करीब लाने की कोशिश की। बुधवार को लेबनान की राजधानी पहुंचे इस वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने अपनी बातचीत को “अच्छा” बताया। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी मुलाक़ात संसद अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से हुई है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इज़राइल को लेबनान और लेवांत (Levant) क्षेत्र में अपना युद्ध रोकना चाहिए, क्योंकि इन दोनों इलाकों की घटनाएं आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
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उन्होंने बताया कि ईरान की एक मुख्य मांग सभी युद्धों को समाप्त करना है। अगर किसी एक मोर्चे पर भी लड़ाई जारी रहती है, तो इसका मतलब यही होगा कि हर जगह युद्ध अभी भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी रुख के चलते तेहरान ने लेबनान में युद्ध खत्म करने की कोशिशें कीं, और इसमें उसे सफलता भी मिली। खतीबज़ादेह ने यह भी आरोप लगाया कि वाशिंगटन और तेल अवीव ने ईरान और लेबनान पर हमले करके ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (MoU) का उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम कराने और लेबनान पर इज़राइल के युद्ध को खत्म करने की कोशिशें रुक गई हैं। उन्होंने कहा कि इज़राइल पर अपनी बात रखने के मामले में भरोसा नहीं किया जा सकता, और अपने सहयोगी (इज़राइल) को काबू में रखने की ज़िम्मेदारी अमेरिका की है। उप-विदेश मंत्री ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गैर-कानूनी करार दिया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन न तो ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर पाया और न ही उसकी हमलों को रोकने की क्षमता को खत्म कर सका। उन्होंने कहा कि तेहरान ने अपने अस्तित्व के लिए लड़े गए युद्ध का डटकर सामना किया है और वह आगे भी अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करता रहेगा।
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उन्होंने बताया कि ईरान, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अमेरिका द्वारा अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने IAEA की 15 से अधिक रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें पुष्टि की गई है कि ईरान नियमों का पालन कर रहा है। तेहरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने का प्रस्ताव भी दिया है। साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर कोई संघर्ष थोपा जाता है, तो वह उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।

