बैठक से जुड़े मुख्य बिंदु:
शी जिनपिंग का भारत दौरा: वर्ष 2019 के ममलापुरम (चेन्नई) अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बाद शी जिनपिंग की यह पहली भारत यात्रा है।
शीर्ष नेताओं की लगातार तीसरी मुलाकात: कज़ान और तियानजिन के बाद PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह लगातार तीसरे साल द्विपक्षीय वार्ता हो रही है।
समय सीमा: राष्ट्रपति शी का नई दिल्ली पहुँचने का समय दोपहर करीब 1 बजे निर्धारित है, जबकि PM मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक शाम 5:45 बजे प्रस्तावित है।
शू ने ट्वीट किया, “चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने, रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंधों को संभालने, बातचीत बढ़ाने, सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ काम करेगा।”
PM मोदी और शी के बीच यह द्विपक्षीय बैठक लगातार तीसरे साल होगी, इससे पहले वे कज़ान और तियानजिन में मिल चुके हैं। चीनी राष्ट्रपति के दोपहर करीब 1 बजे नई दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है और PM मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक शाम 5.45 बजे होगी।
चीन ने बातचीत और सहयोग पर जोर दिया
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी शू की तरह “अच्छे पड़ोसी” होने पर जोर दिया। माओ ने यह भी कहा कि चीन बातचीत और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने और ईरान-अमेरिका संघर्ष व रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए BRICS देशों के साथ काम करने को तैयार है।
शी की भारत की पहली यात्रा सितंबर 2014 में हुई थी। इसके बाद, 2016 में गोवा में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए वे फिर भारत आए थे, और उनकी पिछली यात्रा 2019 में चेन्नई के पास ममलापुरम में पीएम मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए हुई थी।

